इस भंयकर बीमारी से पीड़ित थीं करीना कपूर की सास शर्मिला टैगोर


भारतीय सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर ने हाल ही में ‘कॉफी विद करण’ के सीजन 8 में अपने स्वास्थ्य के बारे में एक महत्वपूर्ण खुलासा किया. उन्होंने बताया कि वह कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ चुकी हैं.

इस दौरान उन्होंने यह भी साझा किया कि कैंसर के कारण वह करण जौहर की फिल्म ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ में काम नहीं कर पाईं.

कैंसर सर्वाइवर की कहानी

हालांकि, शर्मिला टैगोर ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह किस प्रकार के कैंसर से पीड़ित थीं, लेकिन उन्होंने इस बारे में चर्चा करते हुए कहा कि महामारी के दौरान उनकी सेहत को लेकर चिंता बनी रही. उन्होंने बताया कि उस समय उनका टीकाकरण नहीं हुआ था, और वह किसी भी तरह के जोखिम से बचना चाहती थीं.

कैंसर के शुरुआती लक्षण

कैंसर विभिन्न व्यक्तियों पर अलग-अलग तरीके से प्रभाव डालता है. कुछ लोगों में लक्षण दिखाई नहीं देते, जबकि अन्य में असामान्य बदलाव आ सकते हैं. इसीलिए, यह जानना जरूरी है कि आपके लिए सामान्य क्या है. अगर आपको कोई भी असामान्य परिवर्तन महसूस होता है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें. इससे कैंसर का शुरुआती निदान करने में मदद मिल सकती है, जब उपचार के सफल होने की संभावना अधिक होती है.

कैंसर के 15 सामान्य लक्षण

आइए, अब हम कैंसर के कुछ सामान्य लक्षणों पर चर्चा करते हैं, जिन्हें अक्सर लोग मामूली समझकर नजर अंदाज कर देते हैं:

1. अवसाद: लगातार थकान या मानसिक अवसाद.
2. वजन में अचानक कमी: बिना किसी कारण के वजन घटना.
3. बदली हुई भूख: खाने में रुचि कम होना या बढ़ जाना.
4. दर्द: असामान्य दर्द जो ठीक नहीं हो रहा है.
5. खून आना: बिना किसी स्पष्ट कारण के खून आना (जैसे: मुंह, नाक, या पेट से).
6. कब्ज: लगातार कब्ज की समस्या.
7. चमड़ी में परिवर्तन: ताजगी की कमी या किसी बिंदु का बढ़ना.
8. सांस लेने में कठिनाई: बिना किसी स्पष्ट कारण के सांस लेने में कठिनाई.
9. असामान्य गांठें: शरीर के किसी भी हिस्से में गांठें होना.
10. जलन: पेशाब करने के समय जलन.
11. गले में खराश: लंबे समय तक गले में खराश रहना.
12. हड्डियों में दर्द: विशेषकर जब दर्द सामान्य गतिविधियों से संबंधित नहीं हो.
13. आवाज में परिवर्तन: बिना किसी स्पष्ट कारण के आवाज का बदलना.
14. नींद की समस्या: लगातार नींद की कमी या अनिद्रा.
15. त्वचा में बदलाव: नए मोल या मौजूदा मोल में परिवर्तन.

शर्मिला टैगोर का कैंसर के खिलाफ संघर्ष एक प्रेरणा है. उनके अनुभव से यह स्पष्ट होता है कि कैंसर के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत चिकित्सा सलाह लें. जागरूकता और समय पर निदान ही कैंसर से लड़ने की कुंजी हैं. अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और नियमित रूप से चेकअप कराएं.

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