पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह 95 वर्ष के उम्र मे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया

पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह का शनिवार देर रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। वह 95 वर्ष के थे। वह काफी लंबे समय से नटवर सिंह ने मई 2004 से दिसंबर 2005 तक डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में विदेश मंत्री के रूप में कार्य किया था
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने नटवर सिंह के निधन पर शोक जताया है। एक पारिवारिक सूत्र ने शनिवार देर रात बताया कि नटवर सिंह के बेटे अस्पताल में हैं और परिवार के कई अन्य सदस्य रविवार को दिल्ली में होने वाले अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक राज्य से दिल्ली आ रहे हैं। वह कुछ समय से ठीक नहीं थे। सूत्र ने बताया कि शनिवार देर रात उनका निधन हो गया था।
2008 में छोड़ा था कांग्रेस का साथ
वर्ष 1929 में राजस्थान के भरतपुर जिले में जन्मे नटवर सिंह ने प्रारंभिक शिक्षा अजमेर के मेयो कॉलेज और ग्वालियर के सिंधिया स्कूल से पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कालेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। वह 1953 में भारतीय विदेश सेवा (आइएफएस) में चुने गए। उन्होंने चीन, न्यूयार्क, पोलैंड, इंग्लैंड, पाकिस्तान और जांबिया सहित कई देशों में सेवाएं दीं। तीन दशकों की सेवा के बाद नटवर सिंह ने राजनीति में प्रवेश करने के लिए 1984 में आइएफएस से इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। उसी वर्ष, उन्होंने लोकसभा का चुनाव जीता। उन्हें राज्य मंत्री बनाया गया था।
) की तैयारी कर रहा है। देश में इन दिनों देशभक्ति का माहौल है। हर तरफ स्वतंत्रता दिवस और देश की आजादी के लिए हुई जंग की बातें हो रही हैं। इस बीच हम आपके लिए एक ऐसा किस्सा लेकर आए हैं, जिसकी शुरुआत तो भारत की आजादी से पहले हुई, लेकिन परिणति आजादी के कई वर्षों बाद। जी हां, ये कहानी एक मोटरसाइकिल की है। इस कहानी के किरदार बड़े ही रसूकदार हैं, लेकिन इसके केंद्र में कभी दोस्ती तो कभी तंज में मोटरसाइकिल आ जाती है। तो चलिए इस रोचक कहानी को जानते हैं, जो आपका सीना गर्व से चौड़ा कर देगी।
सैम बहादुर की कहानी
अब तक तो आपको समझ आ ही गया होगा कि यह कहानी भारत के सातवें सेना प्रमुख सैम मानेकशॉ (Sam Manekshaw) यानी सैम बहादुर से जुड़ी है। सैम मानेकशॉ ने 1932 में इंडियन मिलेट्री अकेडमी (IMA) देहरादून ज्वाइन की। उन्हें 12वीं फ्रंटीयर फोर्स रेजिमेंट में कमीशन मिला। दूसरे विश्वयुद्ध में उन्हें ब्रिटिश इंडियन आर्मी की ओर से उनके योगदान के लिए मिलिट्री क्रॉस ऑफ गैलेंट्री दिया गया। जब साल 1947 में देश आजाद हुआ तो, वह जिस रेजिमेंट से जुड़े थे वह पाकिस्तान के हिस्से में चली गई। सैम मानेकशॉ भारत में ही रहे और उन्हें 8वें गोरखा राइफल्स में कमीशन दिया गया।
केरल के वायनाड में भूसख्लन से आई तबाही का जायजा अब खुद पीएम नरेंद्र मोदी लेंगे। प्रधानमंत्री राहत और पुनर्वास प्रयासों की समीक्षा के लिए शनिवार 10 अगस्त को वायनाड का दौरा करेंगे। सोशल मीडिया ‘एक्स’ से मिली जानकारी के मुताबिक, पीएम शनिवार सुबह करीब 11 बजे कन्नूर पहुंचेंगे। वहां से वह वायनाड में भूस्खलन प्रभावित इलाके का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर करीब 12:15 बजे भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेंगे जहां उन्हें बचाव बलों द्वारा निकासी प्रयासों के बारे में जानकारी दी जाएगी। वह वहां चल रहे पुनर्वास कार्यों की निगरानी करेंग
पीएम करेंगे समीक्षा बैठक
पीएम राहत शिविर और अस्पताल भी जाएंगे जहां वह भूस्खलन के पीड़ितों और जीवित बचे लोगों से मिलेंगे और बातचीत करेंगे। इसके बाद पीएम एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे जहां उन्हें घटना और चल रहे राहत प्रयासों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
आपको बता दें कि वायनाड में 30 जुलाई को भारी बारिश के कारण लैंडस्लाइड हुआ था। इस पूरे प्रभावित इलाकों में करीब 400 लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई है, जबकि 150 से अधिक लोग लापता हैं।
जीवित बचे लोगों को सुरक्षित करने की योजना
सरकार की शुरुआती योजना जीवित बचे लोगों और मौजूदा खोज एवं बचाव एजेंसियों को शामिल करते हुए एक व्यापक तलाश अभियान चलाने की थी। हालांकि सरकार ने संख्या कम करने का फैसला किया क्योंकि शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के घटनास्थल पर जाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था के कारण खोज के लिए आवंटित समय पूर्वाह्न 11 बजे तक सीमित कर दिया गया।
केरल के पर्यटन एवं लोकनिर्माण मंत्री और वायनाड में बचाव एवं राहत प्रयासों का समन्वय कर रही चार सदस्यीय कैबिनेट उप-समिति के सदस्य पी ए मुहम्मद रियास ने कहा कि रविवार को भी बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी रहेगा, जिसमें राहत शिविरों में रह रहे अधिक से अधिक लोग भी शामिल होंगे।इस बीच, स्वयंसेवकों की एक टीम ने चालियार नदी के किनारे स्थित अत्यंत दुर्गम क्षेत्र सोचीपारा जलप्रपात से चार क्षत-विक्षत शव बरामद किए। इन शवों को सेना की हेलीकॉप्टर टीम की मदद से हवाई मार्ग से लाया जाएगा।
