पाकिस्तान की एक अदालत ने मंगलवार को 9 मई को हुए दंगों के तीन मामलों में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को गिरफ्तारी से पहले जमानत देने से इनकार कर दिया

पाकिस्तान की एक अदालत ने मंगलवार को 9 मई को हुए दंगों के तीन मामलों में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को गिरफ्तारी से पहले जमानत देने से इनकार कर दिया है। साथ ही पूछताछ के लिए पुलिस को हिरासत की अनुमति दे दी है।पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक पर इस समय 200 से ज्यादा मामले चल रहे हैं और वह पिछले साल अगस्त से ही जेल में बंद हैं।
अमेरिका की कैपिटल हिल से की थी हिंसा की तुलना
आतंकवाद निरोधक अदालत (एटीसी) लाहौर के न्यायाधीश खालिद अरशद ने मंगलवार को खान को गिरफ्तारी से पहले जमानत देने से इनकार कर दिया और अभियोजन पक्ष द्वारा 9 मई की हिंसा को संयुक्त राज्य अमेरिका कैपिटल हिल हमलों के बराबर बताने के बाद तीन मामलों में उनकी याचिकाएं खारिज कर दीं। साथ ही कहा कि पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत की जरूरत है। कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री को तीन मामलों की जांच पूरी करने के लिए कहा है।
वकील ने कहा- कोई गवाह नहीं है
इमरान खान के वकील सलमान सफदर ने कहा कि यह साबित करने के लिए कोई गवाह नहीं है कि पूर्व प्रधानमंत्री ने हिंसा भड़काई। साथ ही उन्होंने सवाल किया कि 9 मई को हिरासत में रहते हुए वह साजिश कैसे रच सकते हैं।
प्रधानमंत्री के राजनीतिक सलाहकार ने इमरान पर लगाया था आरोप
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के राजनीतिक सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने इमरान खान को लेकर बड़ा दावा किया था। उनका कहना था कि इमरान खान, जेल के भीतर से पाकिस्तान में अराजकता फैलाने की साजिश रच रहे हैं।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पूरा देश जानता है कि 2024 का चुनाव पाकिस्तान के इतिहास का सबसे बड़ा धोखा है। पीटीआई पार्टी के संस्थापक खान अभी रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं।
