लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डे को बम से उडाने की धमकी भरा मेल मिलने के बाद एयरपोर्ट पर हाईअलर्ट जारी, एयरपोर्ट के कांफ्रेंस हाल में आपात बैठक बुलाई

लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डे को बम से उडाने की धमकी भरा मेल मिलने के बाद एयरपोर्ट पर हाईअलर्ट जारी कर दिया गया। मिलने के साथ आनन-फानन में एयरपोर्ट के कांफ्रेंस हाल में आपात बैठक बुलाई गई जिसमें सीआइएसएफ, कमिश्नरेट पुलिस समेत विभिन्न खुफिया एजेंसी शामिल थीं।

सीआइएसएफ और पुलिस अलर्ट मूड में आने के साथ एयरपोर्ट समेत आसपास के गांवों में संयुक्त रूप से रूट मार्च किया। साथ में गांव के लोगों से बातचीत करने के साथ संदिग्ध व्यक्ति दिखाई पड़ने पर सूचना देने को कहा।

एक अज्ञात ई-मेल से सोमवार को एयरपोर्ट निदेशक को मेल आया। उसमें लिखा था कि वाराणसी समेत देश के 30 एयरपोर्ट उड़ाने की धमकी थी। लिखा था कि हमने सभी एयरपोर्ट पर बम लगा दिया है, जो एक रिमोट के बटन दबाते ही ब्लास्ट हो जाएगा।

मेल देख एयरपोर्ट अथारिटी के अधिकारियों और कर्मचारियों के होश उड़ गए। सुरक्षा एजेंसियों को सूचना देने के साथ अलर्ट घोषित कर दिया गया। संयुक्त टीम ने एयरपोर्ट के पास बैकुंठपुर, सगुनहा, घमहापुर, मंगारी आदि गांवों में रूट मार्च किया।

सीआइएसएफ के वरिष्ठ कमांडेंट अजय कुमार ने बताया कि एयरपोर्ट अथारिटी के मेल पर बाहर से मेल आया जिसमें वाराणसी समेत देश के 30 एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरा था। हालांकि, यह किसी सिरफिरे का मेल हो सकता है। फिर भी सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। आइबी और एलआइयू को विशेष नजर रखने को कहा गया है।

बम से उड़ाने की धमकी की तीसरी घटना

वाराणसी एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी की यह तीसरी घटना है। इसके पूर्व बिहार निवासी सिंचाई विभाग के इंजीनियर ने दो मार्च को ड्रोन के जरिए केमिकल हमले की धमकी दी गई थी, जिसमें गया निवासी विनीत कुमार ने अपने विरोधियों को फंसाने के लिए एयरपोर्ट निदेशक को पत्र भेजा था।

उसने लिखा था कि होली के दिन एयरपोर्ट, राष्ट्रपति भवन, रेलवे स्टेशन, दिल्ली का जंतर-मंतर और संसद भवन पर ड्रोन से कैमिकल बम से हमला करेगा। हालांकि, चार दिन बाद ही बिहार की एसआइटी टीम ने उसे गिरफ्तार मामले को उजागर कर दिया।वही दूसरी घटना आठ सितंबर-2023 की है। भदोही के विक्षिप्त युवक अशोक कुमार ने एयरपोर्ट टर्मिनल मैनेजर के नंबर पर फोनकर एयरपोर्ट को उड़ाने की धमकी दी थी जिसे दूसरे दिन गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में परिजनों द्वारा मेडिकल प्रमाण पत्र दिखाने पर छोड़ दिया गया था। यह तीसरी घटना है।

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