यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव कल कन्नौज लोकसभा सीट से नामांकन पत्र दाखिल करेंगे

समाजवादी पार्टी (SP) ने यूपी की एक और सीट पर अपना उम्मीदवार बदल दिया है. इसी के साथ ही समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी लोकसभा चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है.यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव गुरुवार (25 अप्रैल) को कन्नौज लोकसभा सीट से नामांकन पत्र दाखिल करेंगे.
समाजवादी पार्टी (सपा) ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बुधवार शाम को एक पोस्ट में कहा, ‘पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव कल अपराह्न 12 बजे कन्नौज लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र दाखिल करेंगे.’ पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने इस बात की पुष्टि की कि यादव कन्नौज लोकसभा सीट से कल नामांकन दाखिल करेंगे.
चुनाव लड़ने पर क्या बोले अखिलेश यादव?
इससे पहले इटावा में विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ के कार्यकर्ता सम्मेलन से इतर संवाददाताओं ने अखिलेश यादव से पूछा था कि कन्नौज से मौजूदा सपा प्रत्याशी तेज प्रताप सिंह ही चुनाव लड़ेंगे या वह खुद भी चुनाव लड़ सकते हैं, तो उन्होंने कहा, ‘देखिए जब नामांकन होगा तो आपको खुद पता लग जाएगा और हो सकता है कि नामांकन से पहले ही आपको जानकारी मिल जाए.’
‘भाजपा इस चुनाव में इतिहास बन जाएगी’
इस सवाल पर कि कन्नौज के लोग चाहते हैं कि सपा अध्यक्ष खुद वहां से चुनाव लड़ें, यादव ने कहा था, ‘सवाल कन्नौज की ऐतिहासिक जीत का है. कन्नौज अलग बात है लेकिन उससे ज्यादा जो जनता ने मन बनाया है उससे ‘इंडिया’ गठबंधन भविष्य बनकर आ रहा है और भाजपा इस चुनाव में इतिहास बन जाएगी.’
तेज प्रताप सिंह यादव को दिया था पहले टिकट
उन्होंने कहा, ‘जनता भाजपा के खिलाफ मतदान करने जा रही है. राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) को पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) हराएगा.’ इससे पहले कन्नौज लोकसभा सीट से सपा ने पिछले सोमवार को मैनपुरी से पूर्व सांसद तेज प्रताप सिंह यादव को उम्मीदवार बनाया था.
कन्नौज सीट से पहली बार सांसद बने थे अखिलेश यादव
वर्ष 2014 से 2019 तक मैनपुरी से सांसद रहे तेज प्रताप राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के दामाद हैं और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के भतीजे हैं. अखिलेश यादव 2000 में कन्नौज सीट पर हुए उपचुनाव में पहली बार सांसद चुने गये थे.
बीजेपी के सुब्रत पाठक ने 2019 में हासिल की थी जीत
उसके बाद वह 2004 और 2009 में भी इसी सीट से सांसद रहे. उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद लोकसभा से इस्तीफा देने के चलते 2012 में कन्नौज सीट पर हुए उपचुनाव में अखिलेश की पत्नी डिंपल निर्विरोध चुनी गयी थीं. वर्ष 2014 के आम चुनाव में भी डिंपल ने इसी सीट से जीत दर्ज की थी. हालांकि साल 2019 के चुनाव में वह भाजपा के सुब्रत पाठक से पराजित हो गयी थीं.
अखिलेश यादव वर्तमान में करहल विधानसभा सीट से विधायक हैं और उप्र विधानसभा में नेता विपक्ष हैं. वह 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में करहल सीट से पहली बार विधायक बने थे. कन्नौज में लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के तहत आगामी 13 मई को मतदान होगा. इस सीट के लिये नामांकन बृहस्पतिवार 25 अप्रैल को शुरू होंगे.
