पेरिस ओलंपिक 2024 घर पर बनाई शूटिंग रेंज में प्रैक्टिस


पेरिस ओलंपिक 2024 में हरियाणा के 6 शूटर मेडल पर निशाना लगाने के लिए तैयार हैं. धर्मनगरी कुरुक्षेत्र की छोटे से कस्बे लाडवा विधानसभा से रमिता जिंदल भी पेरिस ओलंपिक खेलने हैं.

ऐसे में देश और प्रदेश को उनसे शूटिंग में देश की झोली में गोल्ड मेडल लाने की उम्मीद है. दरअसल, कुरुक्षेत्र की रमिता जिंदल राइफल दस्ते का हिस्सा होंगी और महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल में प्रतिस्पर्धा करेंगी

रमिता जिंदल के परिजनों ने कहा कि पेरिस ओलंपिक खेलने से पहले रमिता जिंदल को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हौंसला दिया है और खेलने से पहले रमिता जिंदल देश के प्रधानमंत्री को मिलकर भी आई थी. 2023 में चीन में हुई एशियाई चैंपियनशिप में रमिता जिंदल एक ही इवेंट में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनी थी.

घर पर ही शूटिंग रेंज बनाकर की थी शुरुआत

चीन में एशियंस गेम में रमिता जिंदल ने 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट में सिल्वर और व्यक्तिगत 10 मीटर एयर राइफल में ब्रोंज मेडल जीतने का काम किया था. बता दें कि रमीता जिंदल कुरुक्षेत्र के लाडवा हल्का की रहने वाली है. बताया जा रहा है कि रमिता ने घर पर ही एक शूटिंग रेंज बनाई है और वहीं, से उन्होंने शूटिंग की शुरुआत की थी और अक्सर प्रैक्टिस यहीं करती हैं.

रमिता के पिता अरविंद जिंदल ने बताया कि बेटी पर गर्व है. रमिता हर क्षेत्र में आगे रही है. चाहे वह पढ़ाई हो या फिर खेल. उन्होंने बताया कि रमीता ने खेल की शुरुआत लाडवा की एक एकेडमी से की थी. उन्होंने बताया कि रास्ते में बरसात के दिनों में अक्सर कीचड़ हो जाया करता था, लेकिन रमिता के जुनून के चलते उन्हें उसे कीचड़ से गुजरते हुए एकेडमी पहुंचना पड़ता था. रमिता की मां ने कहा कि वह उन लोगों के लिए एक उदाहरण है, जो बेटियों को बहुत समझते हैं और गर्भ में ही हत्या कर देते हैं. उन्होंने कहा रमिता हमेशा ही जब भी खेलने जाते ही तो कहकर गई है कि वह मेडल जीत कर लाएगी. पिता ने बताया कि दो दिन पहले ही बेटी से बातचीत हुई है. उन्होंने कहा कि चाचा उसे ट्रेनिक के लिए लेकर जाते थे.

सरकार ने कैश प्राइज रोके
गौरतलब है कि हरियाणा प्रदेश सरकार ने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के 2021 के सभी कैश प्राइस रोके हुए हैं. अभी हाल में ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के संज्ञान में सारा मामला भी लाया गया है. रमिता के परिजनों ने कहा कि हरियाणा में खिलाड़ियों के ट्रेनिंग के लिए भी कोई भी सरकारी शूटिंग रेंज तक नहीं है. सभी निशानेबाजों को निजी अकादमियों में प्रशिक्षण लेना पड़ता है.

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