ऑस्ट्रिया के मशहूर साइंटिस्ट और नोबेल पुरस्कार विजेता एंटोन जिलिंगर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद कुछ इस तरह अपनी बात कही

मैंने अनुभव किया कि पीएम मोदी बहुत आध्यात्मिक व्यक्ति हैं और मुझे लगता है कि यही वह विशेषता है जो आज दुनिया के कई नेताओं में होनी चाहिए…’ ऑस्ट्रिया के मशहूर साइंटिस्ट और नोबेल पुरस्कार विजेता एंटोन जिलिंगर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद कुछ इस तरह अपनी बात कही.पीएम मोदी ने एंटोन जिलिंगर से कई मुद्दों पर लंबी बातचीत की.
मशहूर भौतिक विज्ञानी एंटोन जिलिंगर ने कहा, यह एक बहुत ही सुखद चर्चा थी. पीएम मोदी के साथ कई मुद्दों पर बात हुई. हमने क्वांटम इंफार्मेशन, क्वांटम टेक्नोलॉजी और आध्यात्मिकता के बारे में भी बात की. मुद्दा यह है कि आप प्रतिभाशाली युवाओं को कितनी ताकत देते हैं. उनमें कुछ कर गुजरने की इच्छाशक्ति है, लेकिन आध्यात्मिक और तकनीक अतीत हैं. इनका समन्यवय युवाओं को बहुत कुछ दे सकता है. मुझे लगता है कि ये भारत में संभव है.
जानें क्यों मिला था नोबल अवार्ड
एंटोन जिलिंगर को क्वांटम एनटेंगल्ड स्टेट (Entangled Quantum States) पर शानदार काम के लिए 2022 का नोबल प्राइज दिया गया था. उन्होंने साबित किया कि साबित कर दिया कि ‘उलझन’ की घटना वास्तविक है, उनके प्रयोगों ने निर्णायक तौर पर ये साबित कर दिया कि कि क्वांटम कणों में देखी गई ‘उलझन की घटना सही थी, न कि किसी ‘छिपी’ या अज्ञात ताकतों का नतीजा. इसका इस्तेमाल कंप्यूटिंग और हैक-फ्री संचार में परिवर्तनकारी तकनीकी प्रगति के लिए किया जा सकता है.
चांसलर के साथ कई मसलों पर बात
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वियना में ऑस्ट्रियाई राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वान डेर बेलेन से मुलाकात की. विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने कहा, प्रधानमंत्री और चांसलर के बीच जो मुद्दे चर्चा के केंद्र में थे, उनमें से एक आतंकवाद से लड़ने के बारे में था… दोनों स्पष्ट रूप से निंदा करने और इस खतरे से निपटने की चुनौती पर स्पष्ट थे, जिस तरह से यह साइबरस्पेस में मौजूद है. पीएम मोदी ने भारत के सामने पाकिस्तान से आने वाले सीमा पार आतंकवाद पर प्रकाश डाला. पीएम ने स्पष्ट रूप से कहा – यह युद्ध का समय नहीं है, रूस यूक्रेन संघर्ष का समाधान मैदान पर नहीं खोजा जा सकता है और जहां भी निर्दोष लोगों की जान जाती है वह अस्वीकार्य है.
